अगर आप जीवन के आठवें दशक में आ गए हों और आपकी मुलाक़ात ऐसे लोगों से हो जो आठ-दस बरस की उम्र में आपके पड़ोसी थे या गाँव में रहते थे तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी. अजीत सिंह ने अपने अनूठे अंदाज़ में यह विवरण अत्यंत रोचक ढंग से दिया है. अजीत सिंह हमारी वेबपत्रिका के लिए पहले भी लिखते रहे हैं.











