जब भी हम प्रथम स्वतंत्रता दिवस (1947) की बात करते हैं तो लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पंडित जवाहर लाल नेहरु की सायास ही याद आ जाती है। साथ ही मन में प्रश्न उठता है कि उस दिन महात्मा गाँधी कहाँ थे और क्या कर रहे थे? यह तो मोटे तौर पर हम सब जानते हैं कि गाँधी उन दिनों देश के विभाजन से उपजी साम्प्रदायिक हिंसा की आग को बुझाने के काम में लगे थे।











