डॉ मधु कपूर के दर्शनशास्त्र के निबंधों में हमें अचानक ही ऐसे सवालों के उत्तर मिल जाते हैं जिन्हें हम कब से खोज रहे होते हैं। उदाहरण के लिए इस बार हमें इस प्रश्न का उत्तर मिला कि आध्यात्मिकता क्या होती है? यह कहना तो सही नहीं होगा कि हमें इस प्रश्न का उत्तर अभी तक मालूम नहीं था लेकिन यह कहना होगा कि जो उत्तर आज पता चला है, उससे काफी स्पष्टता बढ़ गई है।












