सत्येन्द्र प्रकाश की अधिकांश कहानियाँ अथवा संस्मरण, आप जैसे भी उनकी रचनाओं को देखना चाहें, समय काल और परिस्थितियों के बारे में बहुत कुछ बताती चलतीं हैं। आज की कहानी में उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला रेलवे का स्टीमर भी है और पटना की गंगा के एक तट से दूसरे तट पर जाने की यात्रा में साथ चलते सोंसो और उसके शिशु भी हैं। सोंसो अर्थात गंगा डॉल्फिन अब विलुप्त प्राय है और इसे कुछ वर्ष पूर्व भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है। जैसा कि आपने इनकी पूर्व रचनाओं में देखा होगा, इनका गद्य भी कभी-कभी काव्यमय हो उठता है, इस विशेषता की बानगी भी आपको इस रचना में मिलेगी।


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