महात्मा गाँधी पत्रकारिता का सबसे बड़ा उद्देश्य सेवा ही मानते थे। आज की पत्रकारिता उनके बताये उदात्त उद्देश्यों से दूर हो ही चुकी है, वह पत्रकारिता के मूल सिद्धांत सही सूचना देने के काम से भी कोसों दूर हो चुकी है। वरिष्ठ पत्रकार राजकेश्वर सिंह अपने इस लेख में बता रहे हैं कि मुख्यधारा का मीडिया धीरे-धीरे अपनी प्रासंगिकता खोता जा रहा है क्योंकि वह अपने मूल काम को ही ठीक से नहीं कर पा रहा। आइए, इस विषय पर उनकी बात नीचे के लेख में विस्तार से सुने।











