अभी हाल ही आपने इस वेब पत्रिका में डॉ. शैलेश शुक्ला एक लेख देखा होगा - डिजिटल थकान: क्या निरंतर कनेक्टिविटी हमें भीतर से खाली कर रही है? आज उन्हीं का हम दूसरा लेख प्रस्तुत कर रहे हैं जो भारत में ‘ए आई’ सुपर पॉवर बनने की संभावनाओं और इस रास्ते में आने वाली चुनौतियों की गहन पड़ताल कर रहा है. इस विषय पर हिंदी में इतना में इतने विस्तृत लेख संभवत: अभी बहुत ना लिखे गए हों.










