इस वेब-पत्रिका में बीच-बीच में कविताएँ तो आप पढ़ते रहते हैं किन्तु गीतों के मामले में हम कुछ पिछड़े ही रहे क्योंकि बहुत कभी-कभार योगेन्द्र दत्त शर्मा के इक्क-दुक्का गीतों के अलावा हमें कभी अच्छे गीत प्राप्त भी नहीं हुए. फिर अभी हाल ही में जब हमारा परिचय डॉ उदय पन्त से हुआ (जिनका परिचय आप नीचे पढ़ सकते हैं) तो हमने उनसे अपनी रचनाएं शेयर करने का अनुरोध किया जिसके लिए वह तैयार हो गए. नीचे उनके तीन गीत हैं और तीनों में आपको कोई ना कोई जीवन-दर्शन मिलेगा या यूँ कहें की ज़िन्दगी के ऐसे फ़लसफ़े मिलेंगे जिन पर हमारा ध्यान आसानी से नहीं जाता. उम्मीद करनी चाहिए कि उनकी रचनाएं मिलने का यह सिलसिला आगे भी चलता रहेगा.












