जब मशीन करती है प्रश्न - मनोज पांडे की कविता
मनोज पांडे (Manoj Pandey) मूलतः विज्ञान एवं शोध में रुचि रखने वाले अध्येता हैं जैसा कि इस वेब पत्रिका पर विज्ञान एवं स्वास्थ्य विषयक उनके लेख बताते हैं । और या फिर कहें कि वह एक सफल 'कम्यूनिकेटर' हैं जो मुख्यत: उनका कैरियर रहा है और आजकल जिस तरह वह सोशल मीडिया पर काम कर रहे हैं (उनकी इस विषय पर दो पुस्तकें अमेज़न पर उपलब्ध हैं जिनका लिंक नीचे उनके परिचय में दिया गया है)। लेकिन क्या इस सबके साथ उनका एक संवदेनशील कवि मन है जो समकालीन मुद्दों पर एक तरह से द्रवित हो जाता है और फिर एक कविता लिखता है! आजकल 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (कृत्रिम बुद्धि या ए आई) पर जिस तरह की चर्चाएँ चल रही हैं और वह स्वयम भी उस पर नज़र बनाये हुए हैं - उनका लेख Moltbook- a social media platform for the AI देखिये - संभवतः उन पर विचार करते करते उनके कवि मन ने यह कविता रची - जब मशीन करती है प्रश्न। उनके कवि मन को जानने के लिए इसी वेब पत्रिका पर प्रकाशित उनकी कविता जुलूस भी आप देख सकते हैं। वैसे उनका कविता संग्रह भी अमेज़न पर उपलब्ध है।
जब मशीन करती है प्रश्न
मनोज पांडे
सुना है एक ज़माने में
माँ होती थी.
नौ माह कोख में,
फिर महीनों पालती थी
गोद में.
पिता होते थे,
परिवार होता था.
नानी होती थी,
कहानी सुनाती थी.
कहानी में
राजा और रानी होते थे.
सुना है,
लोग बूढ़े हो जाते थे,
मर जाते थे,
अंतिम रस्म होती थी.
जो नहीं मरे होते थे,
उन क्षणों में सोचते थे
एक दिन उन्हें भी मरना है.
सुना है,
उससे पहले
जब लोग दूर जाते थे,
उन्हें विदा किया जाता था,
भर्राए गले से,
नम आँखों से.
हफ़्तों बाद
जब ख़बर मिलती थी,
आंखें फिर नम हो आतीं थीं,
गला फिर भर आता था.
सुना है,
गांव होते थे,
खेत, गाय और बैल होते थे.
हाट लगती थी,
पूजे जाते थे सूरज, हवा,
गाय और नदी.
ग्राम-देवता भी
जो पेड़ के नीचे
पत्थर में बसते थे.
क्यों आज मुझे
ज़रूरत हो रही है
माँ की, गोद की,
ऐसे पलों की
जब गला भर आए?
लोरी की,
देवता की,
और उसे पूजने की?
कलाई में लगी यह मशीन
पूछ रही है –
कहीं तुम मरना तो नहीं चाहते?
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*मनोज पाण्डे पूर्व सिविल सेवा अधिकारी हैं। इस वेब पत्रिका में नियमित रूप से लिखते रहते हैं. पूर्व में यहाँ प्रकाशित उनके लेख आप यहाँ देख सकते हैं. https://raagdelhi.com/author/profile/h आजकल वह अपना काफी समय सोशल मीडिया के ट्रेंड्स आदि के अध्ययन में लगाते हैं. सोशल मीडिया पर उनकी दो पुस्तकें भी आ चुकी हैं जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं - https://tinyurl.com/Manoj-Pandey-on-Amazon