आज (9 अप्रैल) को साहित्य दिवस है. राग दिल्ली वेब पत्रिका परिवार के लिए यह खासे संतोष का विषय है कि जयपुर में रह रहे वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार वेदव्यास ने हमें साहित्य दिवस के अवसर पर शब्दों की महत्ता बताते हुए यह लेख भेजा है. लेखक एक तरह से पाठकों का आह्वान करते हैं कि शब्द और साहित्य को समाज के भीतर व्याप्त गैर बराबरी, हिंसा-प्रतिहिंसा और झूठ-सच को उजागर करने में लगाना चाहिए और वर्तमान समाज को भविष्य का नया सपना देना चाहिए। आइये पढ़ते हैं इस सुन्दर लेख को!











