अपना प्रभुत्व बढ़ाने के लालच में अमेरिका द्वारा आरम्भ किया गया यह युद्ध इतना भयावह हो चला है कि इससे सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि किसी ना किसी रूप में दुनिया का हर देश नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रहा है. ऐसे में बहुत स्वाभाविक है कि साहित्य और कला जगत के लोग इससे द्रवित होकर कुछ ना कुछ लिखेंगे, रचेंगे! गीतकार, कवि एवं उपन्यासकार योगेन्द्र दत्त शर्मा हमारी वेबपत्रिका में बीच-बीच में अपना योगदान देते ही रहते हैं, इस बार उन्होंने युद्ध के विरुद्ध यह गीत भेजा है जो हम आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं.












