हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत 200 वर्ष पूर्व मई 1826 में उस समय हुई जब पंडित जुगल किशोर ने कलकत्ता से उदन्त मार्तण्ड नामक एक साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन प्रारंभ किया जो हर मंगलवार को निकलता था। दो सौ वर्ष पहले शुरू हुई यह यात्रा अनवरत जारी है और प्रौद्योगिकी एवं संसाधनों में आमूल-चूल परिवर्तनों के बावजूद पत्रकारिता के मूल सिद्धांत - सत्य, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व - अपरिवर्तित रहे हैं। अपने इस लेख में हिंदी पत्रकारिता के विस्तृत होते जा रहे क्षेत्र और भावी चुनौतियों की चर्चा कर रहे हैं।











