मनोज पांडे मूलतः विज्ञान एवं शोध में रुचि रखने वाले अध्येता हैं जैसा कि इस वेब पत्रिका पर विज्ञान एवं स्वास्थ्य विषयक उनके लेख बताते हैं और या फिर कहें कि वह एक सफल 'कम्यूनिकेटर' हैं जो मुख्यत: उनका कैरियर रहा है और आजकल जिस तरह वह सोशल मीडिया पर काम कर रहे हैं (उनकी इस विषय पर दो पुस्तकें अमेज़न पर उपलब्ध हैं जिनका लिंक नीचे उनके परिचय में दिया गया है)। लेकिन क्या इस सबके साथ उनका एक संवदेनशील कवि मन है जो समकालीन मुद्दों पर एक तरह से द्रवित हो जाता है और फिर एक कविता लिखता है।












