यह माह तुलसी जयंती का माह है. १९ अगस्त को उनकी ५२९वीं जयंती देश भर में तो मनाई ही गई, हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एक नौ दिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें प्रसिद्ध कथा वाचक और रामचरितमानस के मर्मज्ञ मोरारी बापू के प्रवचन तो हुए ही, साथ ही विश्व भर से आये विद्वानों ने संत तुलसी दास और मानस पर अपने विचार रखे. समय रहते हमें ओंकार केडिया का यह लेख प्राप्त हुआ है जिसमें उन्होंने बताया है कि तुलसी आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने वह पहले थे.









