इस्लाम के गंभीर अध्येता हमारे मित्र राकेश भट्ट को जब हमने कल देर रात जब बातचीत के दौरान यूंही प्रसंगवश यह अनुरोध किया कि वह मुहर्रम के अवसर पर हमारी वेब पत्रिका के लिए एक लेख लिख दें तो हमारी उम्मीद के विपरीत वह तैयार हो गए और उन्होंने यह सुन्दर लेख लिख भेजा.











