लोकसभा चुनाव तीन महीने दूर रह गए हैं। अगर राजनैतिक परिदृश्य पर एक नज़र डालें तो पिछले एक वर्ष में स्थितियाँ कुछ इतनी तेज़ी से बदली हैं कि भाजपा सरकार अब कुछ बौखलाई हुई लग रही है। उधर कॉंग्रेस तीन प्रदेशों मे सरकार बनाने के बाद महसूस कर रही है कि उसने 2014 मे जो ज़मीन खो दी दी थी, उसका एक बड़ा भाग उसे वापिस मिल सकता है।










