कुछ ही दिन में गांधी जी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) है जब उन्हें रस्मी तौर पर ही स्मरण किया जाता है। फिर जब हमें दीपक धोलकिया जी का यह लेख प्राप्त हुआ तो हमें लगा कि कुछ लोग अभी भी गांधी के बताए रास्ते को गंभीरता से लेते हैं और गांधी द्वारा बताए गए आर्थिक मॉडल में उनकी आशाएँ अभी भी टिकी हैं।











