सीबीआई को लेकर पिछले दिनों सोशल मीडिया पर इतना कुछ लिखा जा रहा है कि इस स्तंभकार को लगा कि मैं आखिर क्या नया कह लूँगा और इसलिए इस कीचड़ में उतरने का मन नहीं था। लेकिन आज दोपहर बाद से जब आलोक वर्मा द्वारा दिये गए त्यागपत्र को किसी पत्रकार ने ट्वीट किया तो लगा कि रेकॉर्ड के लिए ही सही, अपने मन की चिंताएँ चाहे वो और लोगों ने भी सार्वजनिक रूप से कही हों, हमें भी कह देनी चाहिए...











