कल टिवीटर पर अचानक ये खबर दिखने लगी कि भारत के उच्चतम न्यायालय ने वन्य जीवों के संरक्षण में लगे संगठनों और कुछ पूर्व वनाधिकारियों की एक याचिका पर फैसला सुनाया और उसके तहत ये आदेश दिया कि वन-क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे सभी परिवार जो पिछले कुछ वर्षों में अपने दावे साबित नहीं कर पाये हैं या राज्य सरकारें जिनके दावे रद्द कर चुकी हैं, उन्हें इसी वर्ष 27 जुलाई तक उस भूमि से बेदखल किया जाये।











