सौंदर्यशास्त्र शृंखला में डॉ मधु कपूर के इस चौथे लेख में आप दोस्तोवस्की के इस प्रसिद्ध कथन की जांच करेंगे कि सौंदर्यबोध ही दुनिया को बचा सकता है। आज पूरी दुनिया में जिस तरह का नफरती माहौल छाया हुआ है, उसमें सौंदर्यबोध जैसी सुकोमल अनुभूति का ज़िक्र मात्र भी एकदम असहज सा लगता है। लेकिन यह भी सच है कि जब भी मनुष्यता को इस नफरती माहौल से निजात पानी होगी, तभी सौन्दर्यबोध जैसी अनुभूतियाँ अपने आप प्राथमिकता पा लेंगी।











