दर्शनशास्त्र शृंखला का दूसरा लेख सौन्दर्यबोध कैसे होता है या रसानुभूति कैसे होती है - इस दार्शनिक प्रश्न पर भी विचार करता है। क्या हमारी भावनात्मक प्रवृत्ति ही वस्तु में सौंदर्य का संचार करती है या फिर वस्तु में अपना सौन्दर्य होता है। आपको ऐसे प्रश्नों का सीधा उत्तर मिले या नया मिले किन्तु ये लेख आपको ऐसे गूढ़ विषयों की गहराई तक ले जाएंगे और वहाँ पहुँच कर आप अपनी मति के अनुसार उस उत्तर तक पहुँच जाएंगे जो आपको जँचेगा।





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