सुनीता विलियम्स ने अप्रत्याशित और संकटपूर्ण परिस्थितियों का सामना जिस बहादुरी से साढ़े नौ माह तक किया, उससे उनके दृढ़ व्यक्तित्व का परिचय मिलता है। संजीव शर्मा बता रहे हैं कि अंतरिक्ष में नौ माह तक रहना इसीलिए संभव हो पाया कि सुनीता जीवट वाली महिला थीं और उनका वर्षों का कड़ा प्रशिक्षण इस यात्रा के हर क्षण में काम आया। आइए, देखिए उनका यह लेख!










