लोकसभा चुनाव के पहले चरण में हुआ फीका मतदान कुछ ज्यादा चौकाने वाला नहीं है। यह आशंका तो पहले से ही थी, क्योंकि चुनाव आयोग और सरकारी मशीनरी की सारी कोशिशों के बावजूद मतदाताओं में इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर पिछले दो चुनावों 2014 और 2019 जैसा उत्साह नहीं दिख रहा है।









