प्रोफेसर राजकुमार जैन के इस लेख के पहले दो भागों में आप पढ़ चुके हैं कि किस प्रकार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के स्थापना सम्मेलन में कांग्रेस के एजेंडा पर मज़दूरों और किसानों के हितों के सर्वोपरि रखने के प्रयास शुरू हो गए थे. इस किश्त में डॉ लोहिया और जे पी की मज़दूरों और कामगारों के लिए प्रतिबद्धता की बानगी मिलती है।










