पारुल बंसल की कविताएं इस वेबपत्रिका में प्रकाशित होती रही हैं और इस पत्रिका के पाठक स्त्री अस्मिता पर लिखी उनकी रचनाओं से बखूबी वाकिफ़ हैं। हाल ही में उनका कविता संग्रह 'ईश्वर सुन रहे हो ना' प्रकाशित हुआ है। इसकी समीक्षा कर रहे हैं वरिष्ठ साहित्यकार ओम निश्चल!











