हिलाल अहमद, क्रिया यूनिवर्सिटी, श्रीसिटी (चेन्नई के पास लेकिन आंध्र प्रदेश) में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर हैं। वे पॉलिटिकल इस्लाम, इंडियन डेमोक्रेसी और दक्षिण एशिया मे प्रतीकों की राजनीति पर पिछले तीन दशकों से शोध कर रहे है। वे लोकनीति प्रोग्राम के को-कन्वीनर हैं। उनकी प्रकाशित पुस्तकें है: 'मुस्लिम पॉलिटिकल डिस्कोर्स इन पोस्ट-कोलोनियल इंडिया: मॉन्यूमेंट्स, मेमोरी, कॉन्टेस्टेशन ' (रूटलेज 2014/2026) ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ़ द प्रेजेंट: मुस्लिम्स इन न्यू इंडिया (पेंगुइन, 2024), अल्लाह नाम की सियासत (हिन्दी में, सेतु प्रकाशन, 2023), सियासी मुस्लिम्स : ए स्टोरी ऑफ़ पॉलिटिकल इस्लाम इन इंडिया (पेंगुइन-रैंडम हाउस, नई दिल्ली, 2019) और डेमोक्रेटिक अकोमोडेशन्स: माइनॉरिटीज़ इन कंटेंपररी इंडिया (पीटर आर डिसूज़ा और संजीर आलम के साथ, ब्लूम्सबरी, 2019), कम्पैनियन टू इंडियन डेमोक्रेसी : रेजिलिएंस, फ्रैजिलिटी, एम्बिवेलेंस (पीटर आर डिसूजा और संजीर आलम रूटलेज, 2021), रीथिंकिंग मुस्लिम पर्सनल लॉ : इश्यूज, डिबेट्स एंड रिफॉर्म्स (रूटलेज, 2022) और सुदीप्ता कविराज : (हिंदी में, सेतु प्रकाशन, 2023)। हिलाल अहमद, ‘आतिफ’ के नाम से कविताएं और नज़में लिखते हैं। वे इन दिनों अपने पहले कविता संग्रह, ‘ये आतिफ कौन है?’ पर काम कर रहे है।





