सम्पादक एवं कवि राकी गर्ग ने सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद अनुपम मिश्र के व्याख्यानों का संकलन एवं सम्पादन किया जो 'अच्छे विचारों का अकाल' शीर्षक से भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित हुई। बाल साहित्य में रवीन्द्रनाथ टैगोर एवं गोस्वामी तुलसीदास की जीवनी प्रकाशित। सुप्रसिद्ध जर्मन कवि रिल्के के पत्रों के अनुवाद की किताब.भी आई है। इनका एक कविता संग्रह ‘दरवाजे’ भी आ चुका है। एम.ए, और पीएचडी करने के बाद आजकल वह स्वतंत्र लेखन करती हैं.





