अर्थव्यवस्था में ‘वी शेप रिकवरी’ की आशा फिलहाल धूमिल पड़ गई है। कोविड महामारी के मामले में देश में ‘सावधानी हटी और दुर्घटना घटी’ की कहावत चरितार्थ हो गई और वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी और चौथी तिमाही में जो बढ़त प्राप्त की थी, कोरोना की दूसरी लहर में गवां दी है।












